google.com, pub-8916578151656686, DIRECT, f08c47fec0942fa0 निम्बार्क सम्प्रदाय मे गुरु दिक्षा के समय कौनसे पांच संस्कार होते है ??

निम्बार्क सम्प्रदाय मे गुरु दिक्षा के समय कौनसे पांच संस्कार होते है ??

 निम्बार्क सम्प्रदाय मे गुरु दिक्षा के समय कौनसे पांच संस्कार होते है  ??


निम्बार्क वैष्णव संप्रदाय मे भगवान युगल सरकार की आराधना के लिए पांच संस्कार होते है जो गुरु दिक्षा के समय गुरु धारण करवाते है , इन पांच संस्कारो के बिना युगल आराधना नही होती है.....ये पांच संस्कार कौन से है जिनका वर्णन देवर्षि नारद जी ने अपने ग्रंथ मे किया है......

तापः पुण्ड्रं तथा नाम मंत्रो यागश्च पञ्चमः ।
निम्बार्क सम्प्रदाय मे गुरु दिक्षा के समय कौनसे पांच संस्कार होते है  ??


अमी हि पञ्चसंस्काराः परमैकान्तहेतवः  ।। ( नारद पञ्चरात्र)

अर्थ :-  १.शंख चक्र धारण, २.ऊर्ध्व पुंड्र तिलक, ३.भगवत संबंधित नाम धारण ४.मंत्रोपदेश , ५. याग ( भगवद सेवा ) पांच संस्कार ही मोक्ष के कारण है।


१) शंख चक्र मुद्रा संस्कार :- निम्बार्क सम्प्रदाय मे प्रथम संस्कार के रुप मे गुरुदेव तप्त एवं शीत शंख चक्र की छाप प्रदान करते है।

२) ऊर्ध्वपुण्ड्र तिलक एवं तुलसी कंठी संस्कार :- निम्बार्क सम्प्रदाय मे द्वितिय संस्कार के रुप मे गुरुदेव गोपीचंदन व श्याम श्री द्वारा परंपरा से प्राप्त ऊर्ध्वपुण्ड्र तिलक को धारण करवाते है व कंठ प्रदेश मे हरि प्रिया तुलसी काष्ठ की कंठी धारण करवाते है ।

३) नामकरण संस्कार :- निम्बार्क सम्प्रदाय मे तृतीय संस्कार के रुप मे गुरुदेव द्वारा भगवद संबंधित नाम दिया जाता है जैसे किशोरीशरण, कृष्णशरण अथवा प्रियाशरण इत्यादि, दिक्षित शिष्य इन्ही नामो का प्रयोग दैनिक जीवन मे करता है।

४) मंत्रोपदेश संस्कार :- निम्बार्क सम्प्रदाय मे गुरुदेव चतुर्थ संस्कार के रुप मे परंपरा से प्राप्त मंत्रो का उपदेश करते है अर्थात युगल महामंत्र, गोपाल मंत्र अथवा मुकुंद मंत्र इत्यादि । इस संस्कार के बाद दिक्षित शिष्य गुरुदेव द्वारा प्रदत्त मंत्र का जप करता है।

५) याग संस्कार :- निम्बार्क सम्प्रदाय मे पंचम संस्कार के रुप मे गुरुदेव याग संस्कार करवाते है अर्थात विग्रह सेवा का आदेश देते है। भगवद सेवा, कीर्तन व भजन याग संस्कार कहलाते है।

उक्त लेख हमे निम्बार्क पीठ से प्रकाशित " व्रत पंचक एवं वैष्णव संस्कार कौस्तुभ " नाम के ग्रंथ से प्राप्त हुआ है।






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